Khanjan Nayan
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Book Summary
यशस्वी साहित्यकार अमृतलाल नागर का चर्चित उपन्यास 'खंजन नयन' महाकवि सूरदास के गरिमामय जीवन की सार्थक प्रस्तुति है। नागर जी ने अपने उपन्यास 'मानस का हंस' में तुलसीदास की जीवन-गाथा को उपन्यास के रूप में प्रस्तुत किया था - उसी क्रम में सूरदास के जीवन के विभिन्न पक्षों का चित्रण इस कृति के माध्यम से किया है। सूरदास के व्यक्तित्व को नागर जी ने तीन स्तरों पर प्रस्तुत किया है-तल, अतल और सुतल। व्यक्तित्व के भीतर अनेक व्यक्तित्व होते हैं। नागर जी ने भी महाकवि को सूरज, सूरस्वामी, सूरश्याम, सूरदास, अनेक रूप दिए हैं और अंत में जहां ये तीनों रूप समरस होते हैं वहां सूरदास
ISBN-13
9788170280064
Language
Hindi
Binding
Hard Bound
Publisher
Rajpal & Sons
Publishing Date
1998
Product Edition
1
Total Pages
248

Khanjan Nayan

by Amritlal Nagar (Author),
Rajpal & Sons (Publisher)
fictionfantasyyoung adultaward winning

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Product Specifications
Book Summary
यशस्वी साहित्यकार अमृतलाल नागर का चर्चित उपन्यास 'खंजन नयन' महाकवि सूरदास के गरिमामय जीवन की सार्थक प्रस्तुति है। नागर जी ने अपने उपन्यास 'मानस का हंस' में तुलसीदास की जीवन-गाथा को उपन्यास के रूप में प्रस्तुत किया था - उसी क्रम में सूरदास के जीवन के विभिन्न पक्षों का चित्रण इस कृति के माध्यम से किया है। सूरदास के व्यक्तित्व को नागर जी ने तीन स्तरों पर प्रस्तुत किया है-तल, अतल और सुतल। व्यक्तित्व के भीतर अनेक व्यक्तित्व होते हैं। नागर जी ने भी महाकवि को सूरज, सूरस्वामी, सूरश्याम, सूरदास, अनेक रूप दिए हैं और अंत में जहां ये तीनों रूप समरस होते हैं वहां सूरदास
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ISBN-13
9788170280064
Language
Hindi
Binding
Hard Bound
Publisher
Rajpal & Sons
Publishing Date
1998
Product Edition
1
Total Pages
248