Abhigyan Shakuntalam
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Book Summary
"काव्यों में नाटक सुन्दर माने जाते हैं; नाटकों में अभिग्यान शाकुन्तल सबसे श्रेष्ठ है शाकुन्तल में भी चौथा अंक और उस अंक में भी चार शलोक अनुपम हैं। एक अनुभवी और विद्वान आलोचक के इस कथन के बाद अभिग्यान शाकुन्तल के बारे में और क्या कहा जा सकता है! भारत की गौरवशाली और समृद्ध परम्परा, सांस्कृतिक वैभव, प्रकृति के साथ मानवीय अंतरंगता, यहां तक कि वन्य जीवों के साथ भी बन्धुत्व की भावना-इन सबका महाकवि कालिदास ने इस नाटक में जैसा वर्णन किया है, वह वास्तव में अनुपम है। विश्व की अनेक भाषाओं में 'अभिग्यान शाकुन्तल' का अनुवाद हुआ है और सभी ने इसकी मुक्त
ISBN-13
9788170287735
Language
Hindi
Binding
Paper Back
Publisher
Rajpal & Sons
Publishing Date
2015
Product Edition
1
Total Pages
112

Abhigyan Shakuntalam

by Kalidas (Author),
Rajpal & Sons (Publisher)
fictionfantasyyoung adultaward winning

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Product Specifications
Book Summary
"काव्यों में नाटक सुन्दर माने जाते हैं; नाटकों में अभिग्यान शाकुन्तल सबसे श्रेष्ठ है शाकुन्तल में भी चौथा अंक और उस अंक में भी चार शलोक अनुपम हैं। एक अनुभवी और विद्वान आलोचक के इस कथन के बाद अभिग्यान शाकुन्तल के बारे में और क्या कहा जा सकता है! भारत की गौरवशाली और समृद्ध परम्परा, सांस्कृतिक वैभव, प्रकृति के साथ मानवीय अंतरंगता, यहां तक कि वन्य जीवों के साथ भी बन्धुत्व की भावना-इन सबका महाकवि कालिदास ने इस नाटक में जैसा वर्णन किया है, वह वास्तव में अनुपम है। विश्व की अनेक भाषाओं में 'अभिग्यान शाकुन्तल' का अनुवाद हुआ है और सभी ने इसकी मुक्त
Book Specifications
ISBN-13
9788170287735
Language
Hindi
Binding
Paper Back
Publisher
Rajpal & Sons
Publishing Date
2015
Product Edition
1
Total Pages
112